22 Aug, 2022
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Organic Farming
जैविक खेती के उद्देश्य (Organic farming information)
विश्व की बढ़ती हुई जनसंख्या आज की सबसे बड़ी समस्या है| बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ एक समस्या और उत्पन्न हो रही है, जो है इस जनसंख्या को भोजन आपूर्ति की समस्या जो दिनो-दिन बढ़ती जा रही है.आज कल मौसम की परिस्थितिया भी खेती और फसलों के लिए अनुकूल नहीं है, जिससे पहले की तरह किसान फसल उत्पादन मे भी सक्षम नहीं है.
अपनी फसलों के उत्पादन के लिए किसान रसायनिक खाद, जहरीले कीटनाश पदार्थो का उपयोग करने लगे है, जो कि इंसानों के स्वास्थ और मिट्टी दोनों के लिए हानीकारक है .इसी के साथ साथ वातावरण भी प्रदूषित होता जा रहा है.इन सभी चीजों को रोकने के लिए यदि किसान रसायनिक तरीको की जगह कृषि के जैविक तरीको का उपयोग करे, तो इन समस्याओ पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।
जैविक खेती के उद्देश्य (Organic farming information):
- जैविक खेती का मुख्य उद्देश्य यही है कि मिट्टी की उर्वरक शक्ति को नष्ट होने से बचाया जाए और खाने की चीजों जिनका उपयोग हम रोज करते है, उनमे रसायनिक चीजों के इस्तेमाल को रोका जाए।
- फसलों को ऐसे पोषक तत्व उपलब्ध कराना, जो कि मृदा और फसलों मे अघुलनशील हो और सूक्ष्म जीवो पर असरदायक हो ।
- जैविक नाइट्रोजन का उपयोग करके और जैविक खाद और कार्बनिक पदार्थो द्वारा रिसक्लिंग करना।
- खरपतवार, फसलों मे होने वाले रोगो और किट के नाश के लिए होने वाली दवाइयो के छिड़काओ को रोकना, ताकि ये स्वास्थ को नुकसान ना पहुचा सके।
- जैविक खेती मे फसलों के साथ साथ पशुओ की देखभाल, जिसमे उनका आवास, उनका रखखाव, उनका खानपान आदि शामिल है, इसका भी ध्यान रखा जाता है।
- जैविक खेती का सबसे मुख्य उद्देश्य इसके वातावरण पर प्रभाव को सुरक्षित करना साथ ही साथ जंगली जानवरो की सुरक्षा और प्रकृतिक जीवन को सुरक्षित करना है।
जैविक खेती से होने वाले लाभ (Organic farming Benefits):
खेती मे सबसे महत्वपूर्ण 2 चीजे है, पहला किसान दूसरा किसान की जमीन और जैविक खेती अपनाने से इन दोनों को ही काफी लाभ है.जैविक खेती से किसान और उसकी जमीन को होने वाले लाभ :
- जैविक खेती अपनाने से भूमि की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है, साथ ही साथ फसलों के लिए की जाने वाली सिचाई के अंतराल मे भी वृध्दी होती है ।
- अगर किसान खेती मे रसायनिक खाद का प्रयोग नहीं करता और जैविक खाद का उपयोग करता है, तो उसकी फसल के लिए लगाने वाली लागत भी कम होती है।
- किसान की फसलो का उत्पादन बढ़ता है, जिससे उसे लाभ भी ज्यादा होता है ।
- जैविक खाद के उपयोग से भूमि की गुणवत्ता मे भी सुधार आता है ।
- इस विधी के प्रयोग से भूमि के जलधारण की क्षमता बढ़ती है और पानी के वाष्पीकरण मे भी कमि आति है।
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